गन्दगी सोंच में नहीं, गली में है |
गंदगी गली में है दीपावली करीब है | लोग अपने-अपने घरों की साफ-सफाई कर रहे होंगे | क्यों न हम भी थोड़ी साफ-सफाई की बातें कर लें ! लोकतंत्र के 4 खम्भे होते हैं, उसी तरह किसी घर के भी चार खाने होते हैं ...बैठने का, सोने का, खाने का और चौथा जो अब इंट्रोडयुस हुआ है...हगने का | क्षमा करेंगे, पहले तो इस हग शब्द का नाम लेना भी टैबू था पर अब परिस्थिति बदली है | पहले जहाँ शौच की जगह दूर-दराज की झाड़ियों में होती थी अब न सिर्फ घर में है बल्कि हमारे बेडरूम में होती है और इसका महत्त्व ऐसा है की अगर आप के पास एक से अधिक बेडरूम हैं तो वो रूम मास्टर बेडरूम का दर्जा पाता है जिसमे टॉयलेट अटैच होता है | ...