I AM A WHALE
I AM A WHALE
आज कल ब्लू व्हेलें बड़ी कुख्यात हो रही हैं क्योंकि एक गेम आया है ..."ब्लू व्हेल चैलेंज" | दुनियाभर में कई लोगों की जान लेने के बाद ये गेम भारत में भी तेजी से फैलता जा रहा है | मुझे लगता है लोग चैलेंज समझकर इस गेम को स्वीकार करते होंगे, अपनी पर्सोनाल्टी चेक करना चाहते होंगे, पर यदि वो जानते की इस गेम को बनानेवाला फिलिप बुडेकिन, जिसने कई जिंदगियां बूडा दी, की क्या सोंच थी, तो न सिर्फ अफ़सोस करते बल्कि खुद पर शर्म भी करते | रशिया में गिरफ़्तारी के बाद जब उससे पूछा गया की उसने यह गेम क्यों बनाया तो उसने कहा की यह गेम समाज में सफाई के लिए है | ख़ुदकुशी करनेवाले बायोलॉजिकल वेस्ट होते हैं | इसे खेलनेवाले को इतना तो सोंचना चाहिए था की क्या वो खुद को समाज का कचरा मानता है ? आश्चर्य !
इस गेम का नाम ब्लू व्हेल क्यों ? पता चला इसे खेलनेवाला खुद को I AM A WHALE कहता है | फिर मौत की राह पर चल पड़ता है | गेम में रोज एक चैलेंज....पूरा करने पर हाथ पर एक कट और चैलेंज पूरे होते-होते आखिर तक हाथ पर व्हेल की आकृति उभरती है | चैलेंज पूरी करनेवाले को ख़ुदकुशी करनी पड़ती है | पर क्या सचमुच 'ब्लू व्हेलें' आत्महत्या करती हैं ? क्या व्हेल मौत का सिंबल है ? बिलकुल्ल नहीं |
एक्चुअल में 'ब्लू व्हेल चैलेंज' बनानेवाले ने मानवों के साथ तो गेम खेला ही है, ब्लू व्हेलों के साथ भी गेम खेल दिया, बल्कि उनके साथ तो डबल गेम खेला है | उस जीव को आत्म्हत्यारी प्रचारित कर दिया जिसकी जीवटता अनमैचेबल है | जो सचमुच ब्लू व्हेल को जानेगा वो ये गेम कभी न खेलेगा या इस गेम को ब्लू व्हेल मानेगा या इस गेम के लिए खुद को I AM A WHALE कहना कबूल करेगा |
कौन है ब्लू व्हेलें ? 5 करोड़ वर्ष पहले जब डायनासोरों का अंत हो चूका था और ममेलियनों में विकास की होड़ ताजी शुरू हुई थी, तब उनके बीच आपस में ही मारने और बचने के षड्यंत्र शुरू हो गए थे | ममेलियनों ने इसी तर्ज पर अपना विकास किया | पर एक छोटे से जीव का नजरिया अलग था | उसने एक-दुसरे की काट ढूंढने में कोई रूचि नहीं ली | वो पारस्परिक प्रतिस्पर्धा के षड्यंत्रों और कुचक्रों से अलग रहा | उसे 'शह और मात' के खेल में कोई दिलचस्पी नहीं थी | उसे इवोल्व तो होना था पर इन्वोल्व नहीं | इसकी खातिर उसने एक बड़ा अनूठा रास्ता चुना | खुद को इतना बड़ा कर लो की चुनौतियाँ छोटी पड़ जाएँ | और सच में अपनी जीवटता के बल पर वो इतना बड़ा हो गया की उसके सारे शत्रु उसके सामने इतने बौने पड़ गए की कोई थ्रेट न रहे | आज वो धरती का सबसे बड़ा जीव है ...ब्लू व्हेल उसी का नाम है |
कौन है ब्लू व्हेलें ? 5 करोड़ वर्ष पहले जब डायनासोरों का अंत हो चूका था और ममेलियनों में विकास की होड़ ताजी शुरू हुई थी, तब उनके बीच आपस में ही मारने और बचने के षड्यंत्र शुरू हो गए थे | ममेलियनों ने इसी तर्ज पर अपना विकास किया | पर एक छोटे से जीव का नजरिया अलग था | उसने एक-दुसरे की काट ढूंढने में कोई रूचि नहीं ली | वो पारस्परिक प्रतिस्पर्धा के षड्यंत्रों और कुचक्रों से अलग रहा | उसे 'शह और मात' के खेल में कोई दिलचस्पी नहीं थी | उसे इवोल्व तो होना था पर इन्वोल्व नहीं | इसकी खातिर उसने एक बड़ा अनूठा रास्ता चुना | खुद को इतना बड़ा कर लो की चुनौतियाँ छोटी पड़ जाएँ | और सच में अपनी जीवटता के बल पर वो इतना बड़ा हो गया की उसके सारे शत्रु उसके सामने इतने बौने पड़ गए की कोई थ्रेट न रहे | आज वो धरती का सबसे बड़ा जीव है ...ब्लू व्हेल उसी का नाम है |
ब्लू व्हेल लार्जेस्ट है...लाउडेस्ट है...हैवीएस्ट है..ग्रेटेस्ट है | इसलिए तो समुद्र ने उसे अपना ब्लू कलर दिया है | उसका घुमने का दायरा सबसे बड़ा है | वो विशाल समुद्र को मथते चलता है | वो सबसे अलग है | वो "never ever happened" जीव है | वो धरती पर हुआ अब तक का हुआ सबसे बड़ा जीव है | गर्व कीजिए की आप ब्लू व्हेल के समय में जी रहे हैं | "Beached Blue whale" आत्महत्या करने नहीं आती | वो तो जिन्दगी की जंग आखिरी क्षण तक लड़ती है | Beach whaling की वजह आत्महत्या नहीं, इसके नाम पर व्हेलों को बदनाम न कीजिए || अगर असल माने में ब्लू व्हेल का चैलेंज स्वीकार करना है तो दिखाइए इतना बड़ा बनकर की आपके सामने चुनौतियाँ बौनी बन जाएँ | व्हेल ने ऐसा कर के दिखाया है, आप भी दिखाइए | सच्चे अर्थों में व्हेल तभी बन पायेगा कोई और उसके बाद ही किसी को कहने का हक़ होगा ...YES, I AM A WHALE.
Comments
Post a Comment