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गन्दगी सोंच में नहीं, गली में है |

                                गंदगी गली में है   दीपावली करीब है | लोग अपने-अपने घरों की साफ-सफाई कर रहे होंगे | क्यों न हम भी थोड़ी साफ-सफाई की बातें कर लें ! लोकतंत्र के 4 खम्भे होते हैं, उसी तरह किसी घर के भी चार खाने होते हैं ...बैठने का, सोने का, खाने का और चौथा जो अब इंट्रोडयुस हुआ है...हगने का | क्षमा करेंगे, पहले तो इस हग शब्द का नाम लेना भी टैबू था पर अब परिस्थिति बदली है | पहले जहाँ शौच की जगह दूर-दराज की झाड़ियों में होती थी अब न सिर्फ घर में है बल्कि हमारे बेडरूम में होती है और इसका महत्त्व ऐसा है की अगर आप के पास एक से अधिक बेडरूम हैं तो वो रूम मास्टर बेडरूम का दर्जा पाता है जिसमे टॉयलेट अटैच होता है |                                        ...

सोंच सर्वोच्च है |

सारा समुन्दर मछलियाँ खा रहा है पर अगर कोई अंत तक बचा रहनेवाला है तो वो मछलियाँ  हैं | जंगल के खूंखार बाघ-शेर हिरणों को खा-खाकर खुद ख़त्म हो गए और हिरण आज भी संकटापन्न नहीं हुए | ये नेचर का नियम है, "मारनेवाले मिट जाते हैं, खुद को बचानेवाले  ही बचे रह जाते हैं |" यही सहिष्णुता है | और ये जिसके साथ है वही बचा रह जायेगा | हिन्दुस्तानी संस्कृति सतत है ये कभी ख़त्म नहीं हुई | ये हजारों वर्षों से चलती आ रही है | "कुछ बात है की हस्ती मिटती नहीं हमारी, सदियों रहा है दुश्मन दौरे जहाँ हमारा |" कुछ बात तो बिलकुल्ल है | यहाँ वैचारिक स्वतंत्रता और सहिष्णुता है | यहाँ सोंच को सर्वोच्च माना जाता रहा है | हम द्वैत को भी पूजते हैं अद्वैत को भी | यहाँ चार्वाक को भी सुना जाता है और निम्बार्क को भी | यहाँ ईश्वर "एको अहम्, द्वितीयो नास्ति " कह सकता है तो करोड़ों मनुष्य भी उतने ही अधिकार से "अहम् ब्रह्मास्मि " कह सकते  हैं | यहाँ आप ईश्वर को माने बिना भी उतने ही धार्मिक हो सकते  हैं जितना ईश्वर को मानते हुए | क्योंकि ये हिंदुस्तान है, यहाँ सोंच सर्वोच्च है | लिबर्टी ...

हर घर में प्रद्युम्न है

                                                                एनिमल प्लेनेट का एक सीन है | 'नू' का एक बच्चा शेर के चंगुल में फंस गया  | उस 'नू' के बच्चे को शेर चाट रहा था और बाकि के 'नू' अपने बच्चों को चाट रहे थे | पिछले दिनों दिल्ली से सटे गुडगाँव के एक नामी-गिरामी इंटरनेशनल स्कूल में वो हुआ जो किसी बर्बर से बर्बर संस्था में भी न हुआ होगा | आये दिन प्राइवेट स्कूलों के बंद गेट के अन्दर से तरह-तरह की हरकतें सुनने को मिलती हैं | पर ऐसा तो कभी नहीं हुआ | अब बच्चे को न्याय दो, दोषी को पकड़ो, जेल में डालो, फांसी लगा दो जैसी वही पुराने ढर्रेदार बातें सुनने को मिल रही हैं | कोई कहता है हत्यारा दोषी, कोई कहे स्कूल | अब ये तो पुलिस बताएगी | मेरा कहना बड़ा साधारण है | भले हत्या किसी ने की हो, स्कूल कोई हो, प्रबंधन किसी का हो | समाज तो आपका है और ये सब समाज के अन्दर हुआ है तो जिम्मेदार आप भी हैं | और जिम्मेदारी इंडिया गेट पर कैंडल...

I AM A WHALE

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                                                                                                                                                                          I  AM  A  WHALE     आज कल ब्लू व्हेलें बड़ी कुख्यात हो रही हैं  क्योंकि एक गेम आया  है ..."ब्लू व्हेल चैलेंज" | दुनियाभर में कई लोगों की जान लेने के बाद ये गेम भारत में भी तेजी से फैलता जा रहा है | मुझे लगता है लोग चैलेंज समझकर इस गेम को स्वीकार करते होंगे, अपनी पर्सोनाल्टी चेक करना चाहते होंगे, पर यदि वो जानते की इस गेम को बनानेवाला फिलिप बुडेकिन, जिसने कई...

Incredible India को देखकर हैरान क्यों ?

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Incredible India को देखकर हैरान क्यों ? आज सुबह जब रोड पर निकला तो उड़ते-उड़ते बचा | जी हाँ, मरते-मरते नहीं, उड़ते-उड़ते, क्योंकि कारें उड़ा देती हैं | हुआ यूँ की मैं रोड के किनारे वाकिंग कर रहा था | अब हमारे रोड की जियोग्राफी तो आपको पता ही है | क्योंकि जो रोड पर रहते हैं और जो रोड पर नहीं रहते, सबका वक्त रोड पर ही गुजरता है | रोड पर सबसे किनारे दुकानें होती हैं, फिर ठेले खोमचे, कचरे के डब्बे, फिर अनेरिया बेल्ट होता है जिसमे गधे, कुत्ते,सूअर, गायें , भिखारी, पागल रहते हैं | उसके बाद चलने की जगह और फिर चलाने की जगह |तो मैं वाकिंग कर रहा था की अचानक मेरे बाएं से एक गाय जॉगिंग करते हुए गुजरी | मैं छलकट पैंतरे के साथ दायीं ओर खिसका की सन्न से एक कार निकल गई | सो उड़ते-उड़ते बचा | गायें और कारें, दोनों उड़ा देती हैं; ये अलग बात है की आदमी मर जाता है |आज मेरा उड़ना तय था | भाग्यशाली था, बच गया | आप खुश होते होंगे भाग्यशाली होने पर, पर मैं खुश नहीं होता | कुढ़ता हूँ..."साला, रोजमर्रा के काम में भी भाग्य का सहारा  |" कुढ़ते-कुढ़ते घर पहुंचा | अख़बार उठाया तो मिस्टर केविन से भेंट हो गयी | कु...